Srimad Valmiki Ramayana
YUDDHA KANDA•SARGA: 115•SHLOKA: 12

तं घटं वानरेन्द्राणां हस्ते दत्त्वा मनोजवान् ।
आदिदेश महासत्त्वान् समुद्रसलिलानये ॥६-११५-१२॥
taṃ ghaṭaṃ vānarendrāṇāṃ haste dattvā manojavān |
ādideśa mahāsattvān samudrasalilānaye ॥6-115-12॥
Translation
Lakshmana placed that jar in the hands of the foremost monkeys, who were as swift as thought and possessed of great courage, and commanded them to fetch water from the ocean.
हिंदी अनुवाद
उन लक्ष्मण ने वह कलश मन के समान तीव्र गति वाले और महान पराक्रमी वानर श्रेष्ठों के हाथों में दिया और उन्हें समुद्र का जल लाने की आज्ञा दी।
हिंदी टीका
राज्याभिषेक के लिए समुद्र का जल पवित्र माना जाता है। लक्ष्मण जी ने 'मनोजवान्' (मन के समान वेग वाले) वानरों को चुना ताकि कार्य बिना किसी विलम्ब के संपन्न हो सके। यह वानरों की सेवा-शक्ति का एक और उदाहरण है। यहाँ युद्ध के शस्त्रों के स्थान पर अब पवित्र कलश और जल ने ले ली है, जो शांति की स्थापना का संकेत है।