Srimad Valmiki Ramayana
YUDDHA KANDA•SARGA: 73•SHLOKA: 40

तं तपन्तमिवादित्यं घोरैर्बाणगभस्तिभिः ।
अभ्यधावन्न संक्रुद्धाः संयुगे वानरर्षभाः ॥६-७३-४०॥
taṃ tapantamivādityaṃ ghorairbāṇagabhastibhiḥ |
abhyadhāvanna saṃkruddhāḥ saṃyuge vānararṣabhāḥ ॥6-73-40॥
Translation
The monkey bulls rushed in anger towards him (Enam) who was scorching (them) like the sun with terrible rays of arrows.
हिंदी अनुवाद
भयानक बाण रूपी किरणों से सूर्य की तरह तपते हुए उस (इन्द्रजित) पर वानरश्रेष्ठ क्रोधित होकर भी हमला नहीं कर सके (या दौड़े?)। नोट: यहाँ 'न' का अर्थ 'नहीं' या 'उसे' (एन्म्) हो सकता है, संदर्भानुसार वे हमला नहीं कर पा रहे थे क्योंकि वह अदृश्य था, या हमला किया पर विफल रहे। (अन्वय: अभ्यधावन् एनम् - उस पर दौड़े)।
English Commentary
Futile bravery. The leaders try to charge the source of fire but are scorched.
हिंदी टीका
वानर वीरों का प्रयास। वे सूर्य जैसे तेजस्वी शत्रु की ओर लपके, लेकिन गर्मी (बाणों) ने उन्हें रोक दिया।